Ziyarat E Nahiya In Hindi ❲Exclusive • Bundle❳
इमाम महदी (अ.त.फ़.श.) इमाम हुसैन (अ.स.) के अंतिम क्षणों, उनकी शहादत की पीड़ा, और उनके घोड़ों (ज़ुलजनाह) की स्थिति का ग्राफिकल वर्णन करते हैं।
इसकी शुरुआत आदम (अ.स.) से लेकर पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.व.) तक विभिन्न नबियों पर सलाम भेजने से होती है। ziyarat e nahiya in hindi
"इमाम महदी (अ.स.) फ़रमाते हैं: इमाम महदी (अ
ज़ियारत-ए-नाहिया केवल एक दुआ नहीं, बल्कि इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके अहलेबैत (अ.स.) से जुड़ी सबसे दर्दनाक और सच्ची शोक अभिव्यक्तियों में से एक है। यह इमाम ज़माना (अ.त.फ.श.) से भावनात्मक रूप से जुड़ने का एक ज़रिया है, और इसे पढ़ने से इंसान का दिल मासूमों के दर्द से और ज़ालिमों के अत्याचार से नफरत से भर जाता है। उनकी शहादत की पीड़ा
शब्द "नाहिया" का अर्थ है "वह इलाका" या "वह पक्ष"। हालाँकि, इस ज़ियारत के संदर्भ में, "नाहिया" का इशारा उस व्यक्ति की तरफ है जो रोने की हालत में है (नाहा)। यह ज़ियारत असल में इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों की शहादत के सबसे दर्दनाक पहलुओं का वर्णन करती है।